लगातार दो तिमाहियों में 4000 करोड़ से अधिक की कमाई कर भारतीय डाक ने रचा इतिहास
OM Darpan
नई दिल्ली। भारतीय डाक विभाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दो तिमाहियों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित कर एक नया मुकाम हासिल किया है। चालू वित्त वर्ष (2026-27) की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में विभाग का कुल राजस्व 24 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि के साथ 8,212.7 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 6,636 करोड़ रुपये था। यह जानकारी नई दिल्ली में आयोजित दूसरी तिमाही की समीक्षा बैठक में दी गई।
पार्सल कारोबार में 71 प्रतिशत का भारी उछाल
विभाग के सभी छह व्यावसायिक क्षेत्रों में पिछले वर्ष की तुलना में शानदार प्रगति दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में कुल 4,201.5 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही से 25 प्रतिशत अधिक है। सबसे बड़ी छलांग पार्सल क्षेत्र में देखने को मिली, जहां 71 प्रतिशत की वृद्धि के साथ दूसरी तिमाही में 318.9 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा, डाक जीवन बीमा (पीएलआई/आरपीएलआई) में 44 प्रतिशत, डाक सामग्री में 36 प्रतिशत और डाकघर बचत बैंक (पीओएसबी) में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राजस्व में पीओएसबी ने अकेले 1,987 करोड़ रुपये का बड़ा योगदान दिया है।
बेहतर प्रदर्शन के लिए बिहार और आंध्र प्रदेश परिमंडल सम्मानित
समीक्षा बैठक के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले डाक परिमंडलों को सम्मानित भी किया गया। दूसरी तिमाही में अपने निर्धारित लक्ष्य का 97.15 प्रतिशत हासिल कर बिहार परिमंडल शीर्ष पर रहा, जिसके लिए उसे विशेष सम्मान प्रदान किया गया। वहीं, वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए आंध्र प्रदेश परिमंडल को सम्मानित किया गया। समग्र रूप से पहली छमाही के आंकड़ों में पश्चिम बंगाल परिमंडल 95.72 प्रतिशत उपलब्धि के साथ देश भर में पहले स्थान पर रहा है। कुल 23 डाक परिमंडलों में से 18 ने पहली तिमाही के मुकाबले अपनी लक्ष्य प्राप्ति में सुधार दर्ज किया है।
डिजिटलीकरण और ग्राहक संतुष्टि पर मंत्रियों का जोर
बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय संचार एवं उत्तरपूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने भविष्य में विकास की इस गति को बनाए रखने के लिए नवाचार, कारोबारी विविधता और सेवाओं के तेजी से डिजिटलीकरण पर जोर दिया। श्री सिंधिया ने बड़े ग्राहकों के लिए लचीली मूल्य प्रणाली लागू करने का भी सुझाव दिया।
वहीं, केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने पार्सल वितरण में होने वाली देरी को दूर करने और ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने के लिए वास्तविक समय (रियल-टाइम) निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश दिया। दोनों मंत्रियों ने त्योहारी सीजन में पार्सल कारोबार को और भी सुदृढ़ करने तथा नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार का आह्वान किया है। इस बैठक में सचिव (डाक) श्री सुब्रत दास सहित डाक सेवा बोर्ड के सदस्य और सभी परिमंडलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल उपस्थित रहे।
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