22 अक्टूबर 2026 |
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उप-राष्ट्रपति ने आईडीईएस अधिकारियों से की बात: रक्षा संपदा की सुरक्षा और तकनीक के साथ जवाबदेही पर दिया जोर

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OM Darpan

Oct 01, 2026 05:24 am 516 views
उप-राष्ट्रपति ने आईडीईएस अधिकारियों से की बात: रक्षा संपदा की सुरक्षा और तकनीक के साथ जवाबदेही पर दिया जोर

नई दिल्ली। उप-राष्ट्रपति भवन में इंडियन डिफेंस एस्टेट्स सर्विस (2025 बैच) के प्रोबेशनर्स से बातचीत में उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अधिकारियों से लगन, ईमानदारी और सार्वजनिक जिम्मेदारी की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कई अधिकारी छोटे शहरों से निकलकर यहाँ तक पहुँचे हैं, जो यह साबित करता है कि कड़ी मेहनत से बाधाओं को पार किया जा सकता है।

18 लाख एकड़ रक्षा भूमि प्रबंधन की जिम्मेदारी

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देश भर में लगभग 18 लाख एकड़ रक्षा भूमि के प्रबंधन में रक्षा संपदा संगठन की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा, नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना, रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और सशस्त्र बलों की ऑपरेशनल तैयारी में सहयोग शामिल है।


स्मार्ट गवर्नेंस और नई तकनीक का प्रयोग

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में 'ई-छावनी' पहल की सराहना करते हुए उन्होंने एआई, जीआईएस, ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट इमेजिंग, ऑटोमेटेड चेंज डिटेक्शन और 3-डी विजुअलाइजेशन जैसी तकनीकों को पारदर्शी व सटीक भूमि प्रबंधन के लिए जरूरी बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक को जवाबदेही को मजबूत करना चाहिए, न कि उसकी जगह लेनी चाहिए। अधिकारी कर्तव्य पालन में अडिग रहें, क्योंकि तकनीक भले ही विफल हो जाए, लेकिन जिम्मेदारी की भावना कम नहीं होनी चाहिए।


आईजीओटी कर्मयोगी और सतत क्षमता निर्माण

बदलते तकनीकी माहौल में अधिकारियों को लगातार ज्ञान और कौशल बेहतर करने की सलाह देते हुए उन्होंने आईजीओटी कर्मयोगी मंच का उपयोग करने और नए विचारों को अपनाने के लिए कहा।


नैतिक आचरण और फाइलों का समय पर निपटारा

तमिल कवि तिरुवल्लुवर का उल्लेख करते हुए उप-राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा का असली मतलब व्यवहार में दिखता है। कानूनों और शासन की जानकारी के साथ चरित्र, ईमानदारी व दयालुता भी अनिवार्य है। उन्होंने युवा अधिकारियों को वरिष्ठों की बात मानने के साथ बिना अनुचित दबाव के स्वतंत्र रूप से काम करने और फाइलों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करने की सलाह दी। उन्होंने 'विकसित भारत @2047' के विजन में सिविल सेवकों को समावेशी विकास की अहम कड़ी बताया।

कार्यक्रम के दौरान रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सहित रक्षा मंत्रालय और इंडियन डिफेंस एस्टेट्स सर्विस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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