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रेलवे स्टेशन पर नाबालिक बेटी व छह माह की बच्ची को लावारिस छोड़ भागी मां, जशपुर पुलिस ने तमिलनाडु से किया गिरफ्तार

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OM Darpan

Feb 03, 2025 08:40 am 400 views
रेलवे स्टेशन पर नाबालिक बेटी व छह माह की बच्ची को लावारिस छोड़ भागी मां, जशपुर पुलिस ने तमिलनाडु से किया गिरफ्तार

जशपुर। छह माह की बच्ची और 14 वर्षीय नाबालिक लड़की को रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में छोड़कर भागने वाली महिला को जशपुर पुलिस ने तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पहले ही दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। थाना आस्ता क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 12 जून 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 3 जून को सुबह जब वह मजदूरी करने गई, तब उसकी 14 वर्षीय बेटी घर में थी, लेकिन दोपहर 11 बजे लौटने पर वह लापता मिली। छोटी बेटी से पूछताछ में पता चला कि पड़ोस में रहने वाली पुष्पा सुरेन उसे अपने साथ ले गई थी। पुष्पा के साथ उसकी छह माह की बच्ची भी थी। शाम तक दोनों नहीं लौटे तो परिजनों ने आसपास व रिश्तेदारों से पता किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

जशपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई

प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। 18 जुलाई 2024 को सूचना मिली कि राउरकेला रेलवे स्टेशन पर एक नाबालिक लड़की व छह माह की बच्ची लावारिस हालत में मिली हैं। रेलवे पुलिस ने बच्ची से पूछताछ कर जशपुर पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम तत्काल राउरकेला पहुंची और दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर परिजनों के हवाले कर दिया।

आरोपिया ने कैसे दिया घटना को अंजाम?

नाबालिक पीड़िता ने बताया कि आरोपिया पुष्पा सुरेन उसे काम दिलाने के बहाने रायगढ़ ले गई, जहां कुछ दिनों तक घरेलू काम कराया। इसके बाद उसे बिलासपुर ले जाकर कुछ दिनों तक और काम कराया। फिर पुष्पा उसे राउरकेला ले आई और रेलवे स्टेशन पर उसकी गोद में अपनी छह माह की बच्ची देकर फरार हो गई।

तमिलनाडु में मिली आरोपिया, पुलिस ने दबोचा

जशपुर पुलिस लगातार फरार आरोपिया की तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पुष्पा सुरेन तमिलनाडु में है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर एक टीम गठित कर तमिलनाडु रवाना किया गया। पुलिस टीम ने ग्राम उथामानालूर, थाना अचारपकम, जिला चेंगलपत (तमिलनाडु) से आरोपिया को गिरफ्तार कर जशपुर लाया। पूछताछ में आरोपिया ने अपराध स्वीकार किया। साक्ष्य मिलने पर 1 फरवरी 2025 को उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

जांच में इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका

मामले की जांच में थाना प्रभारी आस्ता उप निरीक्षक संजय सिंह, सहायक उप निरीक्षक दीपक बड़ा, आरक्षक अनिल भगत और महिला आरक्षक अल्पना एक्का की सराहनीय भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि राउरकेला पुलिस के सहयोग से बच्चों को पहले ही सुरक्षित बरामद कर लिया गया था। आरोपिया लगातार अपनी लोकेशन बदल रही थी, लेकिन अंततः जशपुर पुलिस ने उसे तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया।

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