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बांग्लादेश में हिंसा: UN रिपोर्ट में खुलासा, जुलाई-अगस्त के बीच 650 से अधिक लोग मारे गए

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OM Darpan

Aug 18, 2024 08:01 am 427 views
बांग्लादेश में हिंसा: UN रिपोर्ट में खुलासा, जुलाई-अगस्त के बीच 650 से अधिक लोग मारे गए
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  • बांग्लादेश में हुई हालिया हिंसा के दौरान हुई मौतों और मानवाधिकार उल्लंघनों पर UNHCR ने उठाई गहन जांच की मांग

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (UNHCR) ने हाल ही में जारी की गई एक प्रारंभिक रिपोर्ट में दावा किया है कि बांग्लादेश में 16 जुलाई से 11 अगस्त के बीच हुई हिंसक घटनाओं के दौरान लगभग 650 लोग मारे गए हैं। यह रिपोर्ट बांग्लादेश में हालिया विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक अशांति के कारण उत्पन्न हिंसा पर केंद्रित है, जिसमें नागरिकों, प्रदर्शनकारियों, और सुरक्षा बलों के बीच गंभीर संघर्ष हुआ। इस दौरान पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग, न्यायेतर हत्याएं, मनमानी गिरफ्तारियां और हिरासत में लोगों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 16 जुलाई से 4 अगस्त के बीच 400 से अधिक लोग मारे गए, जबकि 5 और 6 अगस्त को हिंसा के चरम पर पहुंचने के बाद करीब 250 और लोग मारे गए। यह हिंसा उस समय भड़की जब भेदभाव-विरोधी छात्र प्रदर्शनों ने व्यापक रूप धारण कर लिया और अंततः सत्ता विरोधी आंदोलन का रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश की प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। इस हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ राहगीरों, पत्रकारों, और सुरक्षा बलों के जवानों की भी जान गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सात से 11 अगस्त के बीच कई लोग हिंसा में लगी चोटों के कारण अस्पताल में इलाज के दौरान मारे गए। इसके अलावा, इस अवधि में अस्पतालों में अत्यधिक भीड़ हो गई थी, क्योंकि बड़ी संख्या में घायल लोग चिकित्सा सहायता के लिए पहुंच रहे थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वास्तविक मौतों की संख्या शायद कम आंकी गई है, क्योंकि कर्फ्यू और इंटरनेट बंदी के कारण सूचना संग्रह में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। अधिकारियों ने भी कई मामलों में अस्पतालों को मृतकों और घायलों की जानकारी देने से रोका, जिससे स्थिति की गंभीरता का सही आकलन करना मुश्किल हो गया। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क के कार्यालय ने शुक्रवार को यह रिपोर्ट जारी करते हुए बांग्लादेश में मानवाधिकार उल्लंघनों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार सभी व्यक्तियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कर्फ्यू के कारण कई लोगों को अपनी आवाज़ उठाने का मौका नहीं मिला, और सरकार ने मीडिया की स्वतंत्रता पर भी कई तरह के प्रतिबंध लगाए। रिपोर्ट में UNHCR ने बांग्लादेश सरकार से इन घटनाओं की गहन, निष्पक्ष, और पारदर्शी जांच की मांग की है। इसमें यह भी कहा गया है कि हिंसा के इस दौर में शामिल सुरक्षा बलों के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि अगर इन घटनाओं पर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो बांग्लादेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट में खास तौर पर इस बात पर जोर दिया गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं। साथ ही, सरकार से अपील की गई है कि वह सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और मानवाधिकारों के उल्लंघन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त न करे।
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