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सात गाँव की महिलाएं स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सड़कों पर, सोनोग्राफी मशीन के अभाव से त्रस्त

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OM Darpan

Sep 13, 2024 05:47 am 234 views
सात गाँव की महिलाएं स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सड़कों पर, सोनोग्राफी मशीन के अभाव से त्रस्त
  • ग्रामीण महिलाओं ने जिला अस्पताल में सोनोग्राफी और प्रसव सुविधाओं की मांग को लेकर किया प्रदर्शन।
गरियाबंद। जिला एवं ब्लॉक मुख्यालय के निकट स्थित गांव पाथरमोहन्दा, मजरकट्टा, भिलाई, चिखली, सढोली, खट्टी और कुर्रूभाटा की 50 से अधिक महिलाओं ने आज जिला अस्पताल में सोनोग्राफी सुविधा की मांग को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इन महिलाओं ने विशेष रूप से प्रसव के दौरान होने वाली कठिनाइयों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिला अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन तो है, लेकिन इसके संचालन के लिए तकनीकी विशेषज्ञ की कमी है। फुलसा निषाद, देवकी देवांगन, गुंजा ध्रुव, खिलेश्वरी, अनिता निषाद, नूतन सांडिल्य, किसनतीन ध्रुव आदि महिलाओं ने बताया कि प्रसव के दौरान महिलाओं को तीन से चार बार सोनोग्राफी की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन, जिला अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निजी लैब में जाना पड़ता है, जहां एक सोनोग्राफी के लिए 800 से 1000 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिला अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव की सुविधा का अभाव है, और गंभीर मामलों में रायपुर जाना पड़ता है, जिससे आपात स्थिति में जच्चा-बच्चा की जान को खतरा हो सकता है। ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि जिला अस्पताल मात्र एक रेफर सेंटर बनकर रह गया है। जिला बने हुए 14-15 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी यहां की स्वास्थ्य सुविधाएं गाँवों जैसी ही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विधानसभा क्षेत्र राजिम और बिन्द्रानवागढ़, जहां से ये गाँव आते हैं, वहां के विधायकों ने स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर कभी ध्यान नहीं दिया। महिलाओं ने अपनी मांगों को रखते हुए कहा कि सोनोग्राफी मशीन का उचित संचालन और ऑपरेशन से प्रसव की सुविधा जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी भी जच्चा-बच्चा की जान बचाई जा सके।
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