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नक्सल मामलों में जेलों में बंद बेगुनाहों की रिहाई के लिए सरकार ने कसी कमर

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OM Darpan

Jul 14, 2026 05:30 am 627 views
नक्सल मामलों में जेलों में बंद बेगुनाहों की रिहाई के लिए सरकार ने कसी कमर
 
  • बिना जनहानि वाले प्रकरणों के आरोपियों की जल्द रिहाई के दिए निर्देश

  • जेलों में बंद नक्सल बंदियों की हर सप्ताह होगी केस समीक्षा

  • बस्तर के युवाओं से मिले गृह मंत्री विजय शर्मा ने दिया न्याय का भरोसा

  • नक्सल प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए रायपुर में बनी विशेष कार्ययोजना

 

रायपुर। 

छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल मामलों में जेलों में बंद लोगों की रिहाई के लिए प्रतिबद्ध है। विशेषकर उन लोगों के लिए जिनके खिलाफ गंभीर जनहानि के मामले दर्ज नहीं हैं। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा में बड़ी पहल की। उन्होंने बस्तर से आए जनप्रतिनिधियों और नक्सल बंदियों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान पीड़ितों और युवाओं से चर्चा कर उन्हें न्याय का आश्वासन दिया गया।

दो श्रेणियों में बंटे मामले

विजय शर्मा ने बताया कि नक्सल प्रकरणों के निराकरण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार है। गृह विभाग के प्रमुख सचिव और बस्तर संभाग के पुलिस अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक 10 जुलाई को हुई थी। इसमें सभी लंबित प्रकरणों को दो श्रेणियों में बांटा गया। पहली श्रेणी में वे मामले हैं जिनमें जनहानि हुई है। दूसरी श्रेणी में बिना जनहानि वाले प्रकरण शामिल किए गए हैं। इन पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश

बिना जनहानि वाले मामलों की समीक्षा अब साप्ताहिक होगी। जिले के पुलिस अधीक्षक हर हफ्ते अभियोजन अधिकारियों और सरकारी वकीलों के साथ बैठक करेंगे। पात्र लोगों को जल्द राहत देने के लिए वकीलों की विशेष टीम गठित की गई है। जिन मामलों में गंभीर धाराएं हैं या चालान लंबित हैं, वहां अदालती प्रक्रिया तेज की जाएगी। गवाही और कानूनी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं।

वकीलों की टीम करेगी परीक्षण

अभियुक्तों के परिजन अपने केस की समीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह आवेदन संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक को देना होगा। इसके बाद वकीलों की टीम आवेदन का विधिसम्मत परीक्षण करेगी। विजय शर्मा ने कहा कि माओवादी हिंसा ने बस्तर को वर्षों तक पीछे धकेला है। उन्होंने किसकोड़ो गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के ग्रामीण अब पहली बार वास्तविक आजादी महसूस कर रहे हैं। युवाओं ने भी अपनी समस्याओं को मंत्री के समक्ष विस्तार से रखा।

जैविक खेती से जुड़ने की अपील

सरकार दलगत राजनीति से ऊपर उठकर बस्तर में शांति और विश्वास का माहौल बना रही है। गृह मंत्री ने युवाओं से विकास की मुख्यधारा में लौटने का आह्वान किया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खाद छोड़कर जैविक खेती अपनाने का आग्रह किया। बस्तर के उत्पादों को एनपीओपी के तहत प्रमाणित किया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल सकेगा। इस बैठक में विधायक धरमलाल कौशिक, नीलकंठ टेकाम, विक्रम उसेंडी, कवासी लखमा और विक्रम मंडावी समेत कई नेता मौजूद रहे।
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