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सुकमा में दो नक्सलियों का आत्मसमर्पण, पुलिस की बढ़ती ताकत का नतीजा

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OM Darpan

Aug 23, 2024 12:10 am 330 views
सुकमा में दो नक्सलियों का आत्मसमर्पण, पुलिस की बढ़ती ताकत का नतीजा
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  • छत्तीसगढ़ में "छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति" और "नियद नेल्ला नार" योजना के प्रभाव से दो नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
  •  पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त प्रयासों से उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सुकमा/ कौशल संदुजा) छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत, दो सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। पुलिस और सीआरपीएफ की लगातार बढ़ती उपस्थिति और "छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति" के प्रभाव के चलते यह आत्मसमर्पण संभव हुआ। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से एक पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। कुहराम बण्डी, जो सुरपनगुड़ा आरपीसी सीएनएम का अध्यक्ष था, और माड़वी कोसा, जो गामापाड़ पंचायत डीएकेएमएस का सदस्य था, ने सुकमा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मसमर्पण किया। इस आत्मसमर्पण को संभव बनाने में एर्राबोर पुलिस बल, 223 वाहिनी सीआरपीएफ और 206 कोबरा वाहिनी की आसूचना शाखा का विशेष योगदान रहा। आत्मसमर्पण के बाद दोनों नक्सलियों को छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। आत्मसमर्पण के इस कदम को सरकार द्वारा उठाए गए सख्त कदमों और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम माना जा रहा है। पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त रणनीति ने नक्सलियों को उनके अमानवीय विचारधारा और शोषणकारी नीति से दूर कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया है।
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