21 अक्टूबर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की जांच हुई तेज

शेयर करें

OM Darpan

Sep 22, 2026 05:20 pm 780 views
कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की जांच हुई तेज

राज्य सरकार ने ईडी को सौंपी साढ़े तीन सौ पन्नों की रिपोर्ट

रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के कार्यकाल के दौरान धान की कस्टम मिलिंग के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के फैसले की जांच तेज कर दी है। राज्य सरकार ने इस सिलसिले में करीब साढ़े तीन सौ पेज की जानकारी ईडी को उपलब्ध कराई है।

ईडी ने यह जानकारी मांगी थी कि किन परिस्थितियों में खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में प्रोत्साहन राशि 40 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल की गई। इस पूरे मामले में करीब 140 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

प्रोत्साहन राशि में भारी वृद्धि

आरोप है कि प्रोत्साहन राशि में 80 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के बाद इसमें से 40 रुपये मिलर्स से कथित रूप से वसूले गए। प्रकरण की जांच ईओडब्ल्यू-एसीबी भी कर रही है।

इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी और राइस मिलर रोशन चंद्राकर को आरोपी बनाया गया है। बाद में अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया।

सरकार ने सौंपे मूल दस्तावेज

सूत्रों के मुताबिक ईडी ने प्रोत्साहन राशि में वृद्धि से जुड़े मूल दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां मांगी हैं। खाद्य विभाग ने अधिसूचना जारी होने तक की सभी नोटशीट की प्रतियां उपलब्ध कराई हैं।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन की ओर से दिए गए आवेदन और बैठकों के रिकॉर्ड भी सौंपे गए हैं। इसमें चर्चाओं से संबंधित सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल हैं।

डेढ़ सौ मिलर्स के बयान

आरोप है कि मार्कफेड के अधिकारियों और एसोसिएशन के माध्यम से मिलर्स के बिलों के भुगतान को कथित वसूली से जोड़ा गया। जांच में अब तक डेढ़ सौ से अधिक राइस मिलर्स के बयान दर्ज किए गए हैं।

वर्ष 2023 में आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद यह मामला सामने आया था। ईडी से मिले इनपुट के आधार पर ईओडब्ल्यू-एसीबी ने मनोज सोनी और अन्य के खिलाफ चालान पेश किया है।

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
261022023036821

विज्ञापन

Advertisement