22 अक्टूबर 2026 |
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शबरी की धरती पर 50 परिवारों की 'घर वापसी': जगद्गुरु रामभद्राचार्य की कथा में जूदेव ने पखारे चरण, गूंजा 'जय श्री राम'

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OM Darpan

May 07, 2026 01:06 am 407 views
शबरी की धरती पर 50 परिवारों की 'घर वापसी': जगद्गुरु रामभद्राचार्य की कथा में जूदेव ने पखारे चरण, गूंजा 'जय श्री राम'

Shivrinarayan Ghar Wapsi Shivrinarayan Ghar Wapsi

शिवरीनारायण (ओमदर्पण न्यूज़)।

माता शबरी की पावन भूमि शिवरीनारायण में 50 धर्मांतरित परिवारों ने वापस सनातन धर्म में प्रवेश किया है। यह प्रेरणादायक आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम 'राम मिलेंगे आश्रम, तेंदुआ धाम' (शिवरीनारायण) में आयोजित 'शबरी की निष्ठा' कथा के दौरान संपन्न हुआ। परम पूज्य जगद्गुरु रामभद्राचार्य के सानिध्य में इन परिवारों ने विधिवत मंत्रोच्चारण और पारंपरिक विधि-विधान के साथ सनातन धर्म में पुनः जुड़कर आत्मिक गौरव का अनुभव किया।

प्रबल प्रताप जूदेव ने पखारे चरण

अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने इस अवसर पर स्वयं सभी धर्मांतरित परिवारों के चरण पखारे और उनका सनातन धर्म में सम्मानपूर्वक पुनः स्वागत किया। यह क्षण वहां मौजूद लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा। उपस्थित जनसमूह ने इस पल को सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताया।

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शबरी माता की धरती का ऐतिहासिक महत्व

शिवरीनारायण को माता शबरी की पावन भूमि के रूप में जाना जाता है। यह वही ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल है जहां भगवान श्रीराम को माता शबरी ने प्रेमपूर्वक जूठे बेर खिलाए थे। सनातन परंपरा में इस स्थान को भक्ति और आत्मीयता का अनुपम प्रतीक माना जाता है। इसी पावन धरा पर 50 परिवारों को सनातन मूल्यों से पुनः जोड़ने की यह प्रक्रिया संपन्न हुई।

संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन

इस वृहद कार्यक्रम का आयोजन राम मिलेंगे आश्रम आयोजन समिति, धर्म जागरण समन्वय विभाग, दिलीप सिंह जूदेव फाउंडेशन और सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। आयोजकों ने बताया कि यह पहल सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और अपनी जड़ों से पुनः जुड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे आने वाली पीढ़ियों में आत्मगौरव और सांस्कृतिक चेतना सुदृढ़ होगी।

कार्यक्रम के दौरान संयोजक डॉ. अशोक चतुर्वेदी, सर्वेश्वर दास महाराज, धर्म जागरण के राजकुमार चंद्रा और अंजू गबेल सहित अनेक संत, समाजसेवी और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन 'जय श्री राम' के जयघोष के साथ हुआ।

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