23 अक्टूबर 2026 |
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भिलाई में शिव महापुराण कथा के समापन पर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि के लिए की विशेष पूजा-अर्चना

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OM Darpan

Aug 24, 2026 03:12 am 1,050 views
भिलाई में शिव महापुराण कथा के समापन पर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि के लिए की विशेष पूजा-अर्चना
 
  • मुख्यमंत्री ने की प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना, शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने का दिया भरोसा

✍️ विशेष संवाददाता   भिलाई | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ भिलाई नगर के जयंती स्टेडियम के पास आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के अंतिम दिन कथा श्रवण करने पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विधि-विधान के साथ व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की और भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और समस्त प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए आशीर्वाद मांगा। इस्पात नगरी भिलाई में पिछले सात दिनों से शिवभक्ति की जो धारा प्रवाहित हो रही थी, उसका आज समापन हुआ।

सनातन संस्कृति और आस्था का संगम है छत्तीसगढ़

विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए विष्णु देव साय ने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई में पिछले एक सप्ताह से शिवभक्ति का अद्भुत वातावरण बना हुआ है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए सौभाग्य का अवसर बताया, जहां हजारों श्रद्धालुओं को शिव महापुराण कथा के माध्यम से धर्म, अध्यात्म और अपनी सनातन संस्कृति को गहराई से समझने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने स्वयं को भी सपत्नीक इस पुण्य कथा का साक्षी बनने पर भाग्यशाली बताया।

प्रदेश के प्राचीन शिवधाम और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश के हर कोने में भगवान महादेव अलग-अलग रूपों में विराजमान हैं। उन्होंने रायपुर के हटकेश्वर महादेव, कबीरधाम के भोरमदेव, राजिम के कुलेश्वर महादेव, चम्पारण के चम्पेश्वर महादेव, गरियाबंद के भूतेश्वर महादेव, सिरपुर के गंधेश्वर महादेव और जशपुर के मधेश्वर महादेव जैसे प्राचीन शिवधामों को आस्था का प्रमुख केंद्र बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि देवाधिदेव महादेव की कृपा से प्रदेश निरंतर प्रगति और खुशहाली के मार्ग पर अग्रसर है।

चारधाम की तर्ज पर विकसित होंगे राज्य के प्रमुख शक्तिपीठ

राज्य सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए तीर्थ स्थलों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है। इसी कड़ी में सूरजपुर की कुदरगढ़ी माता, चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी, रतनपुर की मां महामाया, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी और दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी के शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। इस पहल से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नया आयाम प्राप्त होगा।

तीर्थ दर्शन और अयोध्या धाम यात्रा से जुड़ रहे श्रद्धालु

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के पुनः प्रारंभ होने की जानकारी दी, जिसके माध्यम से पात्र नागरिक देश के प्रमुख तीर्थों की यात्रा कर पा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से 'श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना' का जिक्र करते हुए बताया कि अब तक छत्तीसगढ़ के 50,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का अभिनंदन करते हुए कहा कि वे सनातन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। भिलाई में लगातार तीसरी बार इस आयोजन का होना यहां के लोगों के धर्म के प्रति गहरे अनुराग को दर्शाता है। इस भव्य आयोजन के दौरान वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल और आयोजन समिति के दया सिंह सहित समिति के अन्य पदाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सफल आयोजन के लिए पूरी समिति और सहयोगियों को बधाई दी।

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