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झांसी मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, 10 नवजात बच्चों की मौत, परिजनों में कोहराम

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OM Darpan

Nov 16, 2024 08:47 am 309 views
झांसी मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, 10 नवजात बच्चों की मौत, परिजनों में कोहराम
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    झांसी।  मेडिकल कॉलेज के नीकू (एनआईसीयू) वार्ड में सोमवार रात शॉर्ट सर्किट से भयानक आग लग गई, जिसमें 10 नवजात बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के बाहर चीख-पुकार मच गई। परिजन अपने मासूमों की सलामती की आस लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन वहां चारों ओर सिर्फ मातम पसरा था।
 10 मिनट में बदल गया सब कुछ रात करीब 10.30 बजे तक नीकू वार्ड में सबकुछ सामान्य था। इसके महज 10 मिनट बाद ही वार्ड आग की लपटों में घिर गया। देखते ही देखते पूरे वार्ड में आग फैल गई। आग की लपटें बाहर तक दिखाई देने लगीं। इस हादसे ने पूरे मेडिकल कॉलेज प्रशासन में अफरा-तफरी मचा दी।
खिड़की-दरवाजे तोड़कर बचाई गईं जानें नीकू वार्ड में दो कक्षों में नवजात शिशु भर्ती थे। आग लगते ही वार्ड धुएं से भर गया। पुलिस और सेना के जवानों ने मौके पर पहुंचकर खिड़की-दरवाजे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। कुछ बच्चों को सुरक्षित बाहर लाने में सफलता मिली, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कई मासूमों को नहीं बचाया जा सका।
स्टाफ ने दिखाया साहस, झुलसने के बावजूद बचाए बच्चे वार्ड में तैनात स्टाफ ने भी तत्परता दिखाई। बच्चों को बचाने के प्रयास में कुछ स्टाफ सदस्य भी झुलस गए। उन्हें तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।
आधुनिक उपकरण भी जले नीकू वार्ड में बच्चों के इलाज के लिए लगे आधुनिक उपकरण आग की भेंट चढ़ गए। कुछ मशीनें पूरी तरह जल गईं जबकि कुछ बच गईं।
फायर ब्रिगेड को पहुंचने में दिक्कत आग बुझाने के लिए दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। हालांकि, मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य के कारण दमकल गाड़ियों को अंदर पहुंचने में परेशानी हुई। गाड़ियों को दूसरे रास्ते से लाना पड़ा, जिससे आग पर काबू पाने में देरी हुई।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे हादसे की सूचना मिलते ही मण्डलायुक्त विमल कुमार दुबे, डीआईजी कलानिधि नैथानी, जिलाधिकारी अविनाश कुमार और एसएसपी सुधा सिंह मौके पर पहुंचे। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन 'आदित्य' और गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत समेत कई जनप्रतिनिधि भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
घटना के बाद वार्ड का निरीक्षण आग बुझने के बाद एडीएम (वित्त एवं राजस्व) वरुण पाण्डेय ने अन्य अधिकारियों के साथ वार्ड का निरीक्षण किया। पूरे वार्ड में पानी भर गया था और स्थिति बेहद भयावह थी।
 
नीकू (एनआईसीयू) वार्ड में दो केबिन बने हैं। अंदर वाले केबिन में अधिक गंभीर और बाहर वाले केबिन में कम गंभीर बच्चे भर्ती थे। हादसा होने के बाद बाहर के केबिन के सभी बच्चे बचा लिए गए हैं और अंदर के केबिन से भी कुछ बच्चे सुरक्षित हैं। उन्हें इमरजेंसी और दूसरे वार्ड में शिफ्ट करते हुए हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

-बिमल कुमार दुबे, मंडलायुक्त, झांसी मंडल।

 
हादसे में 10 बच्चों की मौत हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड तत्काल मौके पर पहुँच गयी थी। सेना के दमकल वाहन भी बुला लिए गए थे, जिससे आग पर काबू पाने में अधिक समय नहीं लगा। कानून व्यवस्था की दृष्टि से मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

-कलानिधि नैथानी, पुलिस उप महानिरीक्षक, झांसी परिक्षेत्र।

 
मौके पर उपस्थित नीकू (एनआईसीयू) स्टाफ के अनुसार, रात 10.30 से 10.45 बजे के बीच आग की घटना हुई। प्रारम्भिक जाँच में अंदर वाले हिस्से में शॉर्ट सर्किट से आग लगना बताया जा रहा है। झुलसे बच्चों के बेहतर उपचार के निर्देश दे दिए गए हैं और घटना की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।

-अविनाश कुमार, जिलाधिकारी, झांसी।

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