22 अक्टूबर 2026 |
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बेसहारा महिला की ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा, न्याय का हक होते हुए भी दबंगों का अत्याचार जारी

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OM Darpan

Mar 28, 2025 08:11 am 1,123 views
बेसहारा महिला की ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा, न्याय का हक होते हुए भी दबंगों का अत्याचार जारी


सुमित्रा का संघर्ष - न्याय के आदेशों के बावजूद दबंगों का कब्ज़ा

अम्बिकापुर।

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जब न्यायपालिका और कानून का मजाक उड़ाया जाए, तो किसे उम्मीद होगी कि बेसहारा महिलाएं न्याय पा सकेंगी? लखनपुर ब्लॉक के अमगसी गाँव में एक ऐसी ही दर्दनाक कहानी सामने आई है, जहाँ 4 साल से सुमित्रा नाम की महिला अपने ज़मीन के अधिकार के लिए संघर्ष कर रही है। न्यायालयों से उसे जीत मिल चुकी है, लेकिन फिर भी कुछ दबंग लोग उसकी ज़मीन पर अवैध निर्माण कर रहे हैं, और न्याय के आदेशों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं।


न्यायालय से मिले आदेश, फिर भी कब्ज़ा जारी
सुमित्रा की ज़मीन के सभी दस्तावेज उसके पक्ष में हैं, और तहसील न्यायालय, एसडीएम न्यायालय, और कलेक्टर न्यायालय ने उसके पक्ष में फैसले दिए हैं। हालांकि, इस सबके बावजूद मदन राम नामक व्यक्ति ज़मीन पर कब्ज़ा करने के प्रयास में जुटा हुआ है। उसे तहसीलदार द्वारा बेदखली का आदेश भी मिल चुका है, लेकिन वह न्यायालय के आदेशों को नकारता है। एसडीएम कोर्ट और कलेक्टर कोर्ट से भी उसे हार का सामना करना पड़ा, फिर भी वह महिला की ज़मीन पर बलपूर्वक दबाव बना रहा है।


सुमित्रा के परिवार को धमकियाँ, दबंगों का आतंक
मदन राम ने सुमित्रा के परिवार को शराब के नशे में लाठी-डंडे से पीटने की धमकी दी है और मारपीट की घटनाओं को अंजाम दिया है। सुमित्रा के पति, जो शिक्षक हैं, और उनका परिवार सीधा-साधा है, इस दबंगई के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाने की कोशिश कर रहा है। गाँव में लोग इस अन्याय के खिलाफ आक्रोशित हो रहे हैं और कई बार प्रशासन ने मदन राम को समझाया, लेकिन कुछ असर नहीं हुआ।


समाजसेवी और प्रशासन का समर्थन, न्याय की उम्मीद
अब समाजसेवी भी सुमित्रा के पक्ष में खड़े हो गए हैं और जल्द ही इस मामले को लेकर प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधि कलेक्टर और मुख्यमंत्री से मिलकर इसकी शिकायत करेंगे। सुमित्रा के लिए न्याय का रास्ता अब और कठिन होता जा रहा है, लेकिन वह अपनी ज़मीन का अधिकार वापस पाने के लिए संघर्ष कर रही है।


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