22 अक्टूबर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

पूर्वी भारत बनेगा नवीकरणीय ऊर्जा का पावरहाउस, 5,000 करोड़ के निवेश से बदलेगी तस्वीर

शेयर करें

OM Darpan

Dec 07, 2025 05:08 am 422 views
पूर्वी भारत बनेगा नवीकरणीय ऊर्जा का पावरहाउस, 5,000 करोड़ के निवेश से बदलेगी तस्वीर

  • फिक्की के उच्च-स्तरीय संवाद में विशेषज्ञों का मत

  • ग्रिड आधुनिकीकरण और औद्योगिक मांग से मिलेगी रफ्तार

कोलकाता.

पूर्वी भारत आने वाले वर्षों में देश का सबसे तेजी से उभरता हुआ नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) क्षेत्र बनने की दिशा में अग्रसर है। भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) द्वारा आयोजित एक उच्च-स्तरीय संवाद में उद्योग जगत के दिग्गजों और नीति-निर्माताओं ने इस संभावना पर मुहर लगाई है। विशेषज्ञों के अनुसार, वाणिज्यिक और औद्योगिक (C&I) उपभोक्ताओं की मजबूत मांग, निवेशक-अनुकूल नीतियां और नए औद्योगिक क्लस्टर इस बड़े बदलाव को गति दे रहे हैं।

बैठक में उपस्थित नीति-निर्माताओं, यूटिलिटीज, डेवलपर्स और उद्योग नेताओं ने एक सुर में कहा कि पूर्वी भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को धरातल पर उतारने के लिए ग्रिड आधुनिकीकरण और निजी भागीदारी अनिवार्य है।

अंतर्राज्यीय कनेक्टिविटी पर जोर

संवाद के दौरान बुनियादी ढांचे की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) के पूर्व सदस्य अरुण गोयल ने स्पष्ट किया कि केवल ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाना ही काफी नहीं है। उन्होंने कहा, "सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं का वास्तविक लाभ सीएंडआई उपभोक्ताओं तक पहुँचाने के लिए अंतर्राज्यीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना बेहद जरूरी है।"

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

छह राज्यों में 5,000 करोड़ का बड़ा निवेश

पूर्वी भारत में निवेश की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए एमपीन एनर्जी ट्रांज़िशन के संस्थापक एवं एमडी पिनाकी भट्टाचार्य ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार में ₹5,000 करोड़ के निवेश किए जाएंगे। यह निवेश क्षेत्र की हरित ऊर्जा यात्रा को नई दिशा देगा। भट्टाचार्य ने कहा, “पूर्वी भारत में नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाना अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि औद्योगिक भविष्य की अनिवार्य जरूरत बन चुका है।”

स्मार्ट ग्रिड और स्टोरेज की भूमिका

कार्यक्रम में असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी, दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC) और ग्रिडको के अधिकारियों ने तकनीकी पक्ष पर अपनी बात रखी। अधिकारियों ने माना कि ऊर्जा स्टोरेज, स्मार्ट ग्रिड और डिजिटल तकनीकें दिन और रात की मांग को संतुलित करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगी।

अगले दशक का सबसे गतिशील बाजार

चर्चा के समापन सत्र में फिक्की के निदेशक अर्पण गुप्ता ने निष्कर्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि नीति, उद्योग और नवाचार के सही तालमेल के साथ, पूर्वी भारत आने वाले दशक में भारत का सबसे गतिशील नवीकरणीय ऊर्जा बाजार बनकर उभरेगा।

Tags

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
261022185542662

विज्ञापन

Advertisement