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तीसरी बेगम फिल्म: धोखे और आत्मसम्मान की एक दमदार दास्तान

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OM Darpan

May 24, 2026 10:54 pm 788 views
तीसरी बेगम फिल्म: धोखे और आत्मसम्मान की एक दमदार दास्तान

 

मुंबई (ओमदर्पण न्यूज़)।

हिंदी सिनेमा में सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्में हमेशा दर्शकों के दिल को छूती रही हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अनुभवी निर्माता-निर्देशक के सी बोकाडिया अपनी नई फिल्म ‘तीसरी बेगम’ लेकर आ रहे हैं। 'तेरी मेहरबानियां', 'प्यार झुकता नहीं' और 'आज का अर्जुन' जैसी यादगार फिल्में देने वाले बोकाडिया ने इस बार महिला सशक्तिकरण और बहुविवाह जैसे संवेदनशील सामाजिक मुद्दे को बड़े ही प्रभावशाली अंदाज़ में पर्दे पर उकेरा है।

धोखे से शादी और पूजा से 'नगमा' बनने का सफर

फिल्म की कहानी पूजा दीक्षित नाम की एक मासूम युवती के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी में एक बड़ा मोड़ तब आता है जब पूजा की शादी धोखे से बब्बन खान से करा दी जाती है। शादी के बाद उसका नाम बदलकर नगमा रख दिया जाता है। उसे जल्द ही इस खौफनाक सच्चाई का पता चलता है कि वह बब्बन खान की इकलौती पत्नी नहीं है, बल्कि उसके पति की पहले से दो पत्नियां और हैं।

अत्याचारी पति के खिलाफ तीन पत्नियों की बगावत

यहीं से आत्मसम्मान, संघर्ष और अन्याय के खिलाफ एक लंबी लड़ाई शुरू होती है। फिल्म की कहानी तब और दिलचस्प व असरदार हो जाती है जब तीनों महिलाएं आपस में लड़ने के बजाय एकजुट होकर अपने अत्याचारी पति के खिलाफ खड़ी हो जाती हैं। यह फिल्म दिखाती है कि जब महिलाएं अपने हक के लिए खड़ी होती हैं, तो कोई भी रूढ़िवादी ताकत उन्हें दबा नहीं सकती।

दमदार अभिनय और असली लोकेशन

फिल्म 'तीसरी बेगम' में मुग्धा गोडसे, कायनात अरोड़ा और जरीना वहाब ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। इन अभिनेत्रियों ने अपने दमदार अभिनय से फिल्म को गहरी भावनात्मक मजबूती दी है। फिल्म की शूटिंग लखनऊ और बनारस की वास्तविक (रियल) लोकेशनों पर की गई है, जो कहानी को और भी जीवंत और यथार्थवादी बनाती है। कुल मिलाकर यह फिल्म दर्शकों को एक सशक्त सामाजिक संदेश देने में पूरी तरह सफल नजर आ रही है।
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