पड़ोसी किसानों की फसल देख बदला फैसला, समयलाल ने अपनाया नैनो यूरिया-डीएपी
OM Darpan
Jul 17, 2026 08:24 am
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17 Jul 2026
मनेंद्रगढ़।
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में आधुनिक कृषि तकनीक को लेकर किसानों के भरोसे में जबरदस्त इजाफा हुआ है। पारंपरिक उर्वरकों की जगह अब नैनो उर्वरकों का इस्तेमाल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के मनेंद्रगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम चैनपुर के किसान समयलाल ने इस खरीफ सीजन में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने अपनी फसल में पहली बार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग का निर्णय लिया।
पड़ोसी किसानों ने दिखाई राह
किसान समयलाल खाद लेने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले खरीफ सीजन में गांव और आसपास के कई किसानों ने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का छिड़काव किया था। उन फसलों की बेहतर बढ़वार, हरियाली और संतोषजनक उत्पादन को अपनी आंखों से देखने के बाद समयलाल का विश्वास इन आधुनिक उर्वरकों पर बढ़ गया। पड़ोसी किसानों के इसी सकारात्मक अनुभव ने उन्हें नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया।परिवहन और मेहनत में भारी बचत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी विशेषता इसकी आसान उपलब्धता और सुलभ उपयोग है। समयलाल के अनुसार पारंपरिक खाद की भारी बोरियों को खेत तक पहुंचाना बेहद श्रमसाध्य और खर्चीला काम होता है। इसके उलट नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की छोटी बोतलों को आसानी से खेत तक ले जाया जा सकता है। इससे किसानों के समय और शारीरिक श्रम के साथ-साथ परिवहन लागत में भी बड़ी कमी आती है।तकनीक से बदलेगी खेती की तस्वीर
कृषि विभाग किसानों को नैनो उर्वरकों के संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग के लिए लगातार प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन दे रहा है। विभाग का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीकों के जरिए उत्पादन बढ़ाना और लागत घटाकर किसानों की आय में वृद्धि करना है। समयलाल का मानना है कि यदि किसान वैज्ञानिक सलाह के अनुरूप नवाचार अपनाएं, तो खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन सकती है। एक किसान की सफलता अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बनकर कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव की नींव रख रही है।
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